Funny Short Stories with a Twist 1

मधुबन नामक वन में एक विशाल जामुन का पेड़ था। गर्मियों का मौसम था , पेड़ पर बड़े ही स्वादिष्ट जामुन आए हुए थे। बंदरों का जमावड़ा जामुन के पेड़ पर लगा रहता था। सभी बंदर उस पेड़ पर खेला – खुदा करते और जामुन तोड़कर खाते थे।एक नौजवान बंदर काफी शरारती था। वह शरारत करते – करते अपनी नाक में जामुन की गुठली अटका लेता है। काफी मशक्कत के बाद भी वह जामुन की गुठली नहीं निकाल पाता। एक नाक बंद करके छींकने से भी वह गुठली नहीं निकल पाई। अपने द्वारा किए गए प्रयासों से हारकर वह आदमियों के बस्ती में गया।

गांव में उसे एक हजाम दिखाई दिया। वह बंदर हजाम से गुठली निकालने के लिए कहता है , किंतु हजाम ऐसा करने से मना करता है।

हजाम – तुम्हारी नाक कट भी सकती है।

बंदर – कट जाएगी तो कट जाए , मगर यह गुठली निकालो।

हजाम उसके नाक में नरहन ( नाख़ून काटने वाला औजार ) डालकर गुठली निकालने का प्रयास करता है। किंतु अचानक उसकी नाक कट जाती है। अब वह बंदर रोने और चिल्लाने लगता है।

मेरा नाक लौटाओ नहीं तो नरहन दो

हजाम नाक तो लौटा नहीं सकता था , उसने बंदर को नरहन दे दिया।

Funny Short Stories with a Twist 2

बंदर नरहन लेकर आगे चला , उसे एक कुम्हार दिखाई दिया जो अपने नाखून से मिट्टी खोद रहा था। बंदर ने कुम्हार के पास जाकर पूछता है

बन्दर – नाखून से मिट्टी क्यों खोद रहे हो ?

कुम्हार – मेरे पास मिट्टी खोदने के लिए कोई औजार नहीं है, इसलिए नाख़ून से खोद रहा हु।

बंदर – अपना नरहन देते हुए उसे कहा लो इससे खोद लो।

कुम्हार – तुम्हारी नरहन टूट जाएगी तो मैं तुम्हें कहां से वापस करूंगा ?

बंदर – टूट जाएगा , तो टूट जाए। मगर तुम नरहन का प्रयोग करोगे तो मुझे अच्छा लगेगा।

कुम्हार बन्दर की नरहन लेकर मिट्टी खोदने लगा। कुछ समय बाद अचानक वह नरहन टूट जाता है।

बंदर अब उत्पात मचाने लगता है कि, मुझे नरहन दो नहीं तो घड़ा दो

कुम्हार के पास नरहन देने के लिए नहीं था तो उसने एक घड़ा बंदर को दिया।

Funny Short Stories with a Twist 3

बंदर व घड़ा लेकर आगे चल देता है। रास्ते में एक ग्वाला दिखाई देता है। वह ग्वाला जूते में दूध दूह रहा था। बंदर ने ग्वाले के पास जाकर कारण पूछा तो ग्वाला बोला –

ग्वाला – यह गाय बहुत बदमाश है , इसने हजारों घड़े तोड़ दिए हैं। अब क्या करूं ? जूते पर लात मारेगी तो यह नहीं टूटेगा।

बंदर – ग्वाले से बोलता है लो मेरे पास एक घड़ा है। तुम इसमें दूध निकालो।

ग्वाला – इस पर भी लात मार के तोड़ देगा तो मैं तुम्हें घड़ा कहां से दूंगा ?

बंदर – मौके का फायदा उठाता है और फिर कहता है टूट जाएगा तो टूट जाए कोई बात नहीं।

ग्वाला उसके घड़े में दूध दुहने लगता है। अचानक गाय एक लात मारती है कि उसका घड़ा टूट जाता है।

बंदर अब जोर – जोर से रोने और चिल्लाने लगता है कि मेरा घड़ा दो और नहीं तो गाय की बछिया दो

ग्वाला गरीब था , उसने गाय की बछिया उस बंदर को सौंप दिया।

Funny Short Stories with a Twist 4

मुंबई मे एक सेठ सेठानी में बहस हो गई.. कि उनके एक मात्र लड़के के लिये गाँव की बहू लाऐं या शहर की..?

सेठानी कहती कि गाँव की लाऐंगे.. क्योंकि वह घर का काम संभाल लेगी.. !

सेठजी कहते कि वे गँवार होती हैं.. उन्हे शहर के तौर-तरीके नही आते हैं.. !

आखिर सेठानी कि जिद पर 1 गाँव पहुंचे.. सेठजी ने कहा – ” बेटी जरा चीकू शेक ले आओ.. ! “

बेचारी लड़की को कुछ समझ नही आया.. !

वह रसोईघर मे गई.. 4 चीकू लिये.. तवे पर सेका.. मसाला डाला और प्लेट मे चीकू सेक कर ले आई.. !

सेठ सेठानी इस चीकू शेक को देखते ही रह गए.. !

अब सेठजी के कहने पर शहर मे लड़की देखने गये.. !

सेठानी ने नई बहू की परीक्षा लेने के लिए बोला – ” बेटी जरा पापड़ सेक लाओ.. ! “लड़की किचन मे गई.. 4 पापड़ लिए.. मिक्सर मे डाले.. पानी मिलाया और गिलास मे भर कर ले आई.. और बोली :– ” लीजिये पापड़ शेक.. ! “

छोरा अभी भी कुंवारा ही है.. !!!

Funny Short Stories with a Twist 5

एक गांव में बारात जीमने बैठी । उस समय स्त्रियां समधियों को गालियां गाती हैं, पर गालियां न गाई जाती देख नागरिक सुधारक बाराती को बड़ा हर्ष हुआ ।

वहग्राम के एक वृद्ध से कह बैठा, “बड़ी खुशी की बात है कि आपके यहाँ इतनीतरक्की हो गई है।

बुड्डा बोला, “हाँ साहब, तरक्की हो रही है । पहले गलियों में कहा जाता था..

फलाने की फलानी के साथ और अमुक की अमुक के साथ.. लोग-लुगाई सुनते थे, हँस देते थे ।

अब घर-घर में वे ही बातें सच्ची हो रही हैं । अब गालियां गाई जाती हैं तो चोरों की दाढ़ी में तिनके निकलते हैं । तभी तो आंदोलन होते हैं कि गालियां बंद करो, क्योंकि वे चुभती हैं ।”

-गुलेरी

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